EWS आरक्षण में मिले आयु सीमा और फीस में छूट। अंकित भट्ट

युवा लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता अंकित भट्ट एक बार फिर सुर्खियों में है।उन्होंने अपनी नई बात से एक बार फिर से सामान्य वर्ग के बड़े वर्ग को EWS आरक्षण में आयु सीमा में छूट और फीस में छूट सहित मांग को लेकर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।श्री भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दिया गया EWS आरक्षण तब तक मात्र एक झुनझुना है जब तक कि राज्य सरकार इस को कैबिनेट में लेकर सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आयु सीमा में छूट और फीस में छूट सहित अन्य वर्गों की भांति ही लाभ सामान्य वर्ग में गरीब लोगों को नहीं मिलते।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी राजस्थान और कर्नाटक राज्य की भांति ही ews में आयु सीमा ने छूट और फीस में छूट को लागु करना चाहिए।जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को इसका उचित लाभ मिल सके।
उन्होंने जोर देकर इस बात को कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तो फीस भर रहा है लेकिन वंचित तबके के साधन सम्पन्न लोगों को फीस में छूट मिल जाती है।
उनसे रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन पर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि आरक्षण तो साधन सम्पन्न लोगों को मिल रहा है,आरक्षण का लाभ उन तबकों तक पहुंचा ही नहीं है जो वास्तव में उसके हकदार थे, उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि 70 साल बीत जाने के बावजूद भी आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बहस ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है,उन्होंने आरक्षण पर समीक्षा की बात पर जोर दिया।
आपको बताते चले कि अंकित भट्ट यूजीसी जैसे मुद्दों को भी लगातार मंचों पे उठाते रहे है।

