September 26, 2026

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RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया, महंगाई बढ़ने की जताई आशंका

RBI के फैसले से स्‍पष्‍ट है कि अगर आपने रेपो रेट से लिंक्‍ड होम लोन, कार लोन या अन्‍य तरह का बैंक लोन लिया है, तो आपके लोन की EMI नहीं बढ़ेगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है. शुक्रवार को इस फैसले का ऐलान करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है. सप्लाई चेन में लंबे समय तक व्यवधान और ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों का असर विकास दर और महंगाई दर दोनों पर पड़ सकता है. 

केंद्रीय बैंक RBI ने 3 से 5 जून तक चली मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद रेपो रेट 5.25 पर बरकरार रखने का फैसला लिया है. गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने शुक्रवार सुबह 10 बजे MPC मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी. वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रेपो रेट नहीं बढ़ाने के फैसले को जानकार, एक राहत की तरह मान रहे हैं. इस फैसले से स्‍पष्‍ट है कि अगर आपने रेपो रेट से लिंक्‍ड होम लोन, कार लोन या अन्‍य तरह का बैंक लोन लिया है, तो आपके लोन की EMI नहीं बढ़ेगी. 

 

 

कैसी रहेगी देश की GDP ग्रोथ? 

 

 

केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान मामूली रूप से कम कर दिया है. गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने बताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.9 से कम कर 6.6 फीसदी कर दिया है. गवर्नर के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.6%, दूसरी तिमाही में 6.3%, तीसरी तिमाही में 6.5% और चौथी तिमाही में 6.8% रहने का अनुमान है. इसके साथ ही इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण भारत में मांग दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

 

जून 2026 तिमाही: 6.6%

सितंबर 2026 तिमाही: 6.3%

दिसंबर 2026 तिमाही: 6.5%

मार्च 2027 तिमाही: 6.8%

 

 

इस साल अनुमान से ज्‍यादा रह सकती है महंगाई

 

महंगाई दर पर RBI का अनुमान है कि इस साल देश में महंगाई थोड़ी ज्‍यादा रह सकती है. इसमें तेल और गैस की बढ़ी कीमतों का बड़ा रोल रहेगा. मार्च में महंगाई दर 3.4 फीसदी और अप्रैल में 3.5 फीसदी रही थी, जबकि इससे पहले फरवरी 2026 में महंगाई दर 3.2 रही थी. ये आंकड़े केंद्रीय बैंक के 4% के लक्ष्‍य से कम थे. हालांकि आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है. RBI के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में महंगाई दर 5.1 फीसदी रह सकती है. 

 

 

जून 2026 तिमाही: 4.2%

सितंबर 2026 तिमाही: 5.1%

दिसंबर 2026 तिमाही: 5.9%

मार्च 2027 तिमाही: 5.4%

 

 

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण खुदरा महंगाई दर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है. आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पिछले 2 महीनों के दौरान भारतीय बास्केट के लिए कच्चे तेल की कीमतें औसतन 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही हैं, जो पिछली नीति के अनुमान से काफी अधिक हैं. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की इस तेजी का असर मई महीने से भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों पर पड़ना शुरू हो गया है. 

 

रियल एस्‍टेट सेक्‍टर ने RBI केे फैसले की सराहना की

 

रियल एस्टेट डेवलपर्स की सबसे बड़ी संस्‍था CREDAI के प्रेसिडेंट शेखरजी पटेल का कहना है कि RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने के साथ-साथ अपनी नीति का रुख न्यूट्रल रखा है और CRR को भी 3% पर बरकरार रखा है. ये एक संतुलित और सोच-समझकर लिया गया फैसला है. ये ऐसे समय में लिया गया है जब दुनिया भर में आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं. कई देशों में चल रहे तनाव, महंगाई की चिंता और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर लगातार देखने को मिल रहा है. ऐसे माहौल में RBI का ये फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छा संकेत है और इससे बाजार में स्थिरता बनी रहने में मदद मिलेगी. 

वहीं दूसरी ओर काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी ने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए इस फैसले को खरीदारों और डेवलपर्स दोनों को एक स्थिर और भरोसेमंद माहौल देने वाला बताया. उन्‍होंने कहा, ‘आज के समय में खरीदार केवल घर नहीं खरीद रहे हैं, बल्कि बेहतर जीवनशैली, लंबे समय का फायदा और वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसला ले रहे हैं. ऐसे में होम लोन की ब्याज दरों में स्थिरता उनके लिए भरोसा बढ़ाने का काम करती है.

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