विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में गांधी ग्राम में आयोजित किया गया बड़ा कार्यक्रम।

हिंदू समाज की एकता, धार्मिक जागृति और सनातन संस्कृति के संरक्षण का लिया गया संकल्प
देहरादून, 13 सितंबर 2026। हिंदू समाज को जागृत एवं संगठित करने, सनातन धर्म के मानबिंदुओं को सुदृढ़ करने तथा समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में देहरादून महानगर के विभिन्न खंड एवं प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को गांधी ग्राम स्थित घनी आबादी वाले क्षेत्र के शिव शक्ति मंदिर संगम विहार में स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया।
को
कार्यक्रम के संयोजक श्रीमान सोनू गुप्ता एवं विहिप जिला मंत्री विशाल चौधरी ने उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं समाज के लोगों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस के उद्देश्य तथा हिंदू समाज को संगठित और जागृत करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
1964 से हिंदू समाज जागरण की मुहिम
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विकास वर्मा ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना एवं वर्ष 1964 से प्रारंभ हिंदू समाज जागरण की मुहिम पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित, जागृत एवं सशक्त बनाना है। हिंदू जागरण केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति समाज को जागरूक करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक सनातनी के मन में अपनी संस्कृति, धर्म एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को सनातन परंपराओं, महापुरुषों के जीवन और भारतीय संस्कृति से परिचित कराना होगा, ताकि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत निरंतर आगे बढ़ती रहे।
सामाजिक समरसता और हिंदू एकता पर जोर
विकास वर्मा ने कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता है। समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर परस्पर प्रेम, सम्मान, सहयोग एवं सामाजिक समरसता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से दूर रहकर सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही वास्तविक हिंदू जागरण है।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के जरूरतमंद परिवारों की सहायता, बच्चों की शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक सेवा के कार्यों में योगदान दे। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझकर कार्य करेगा, तभी एक मजबूत और जागृत समाज का निर्माण होगा।
मठ-मंदिरों एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का आह्वान
मुख्य वक्ता ने कहा कि मठ-मंदिर हिंदू समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं। मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा, सद्भाव और सामाजिक जागरण के केंद्र भी हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने क्षेत्र के मंदिरों की स्वच्छता, व्यवस्था, धार्मिक गरिमा एवं सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए।
उन्होंने मंदिरों में नियमित धार्मिक आयोजन, सामूहिक पाठ, भजन-कीर्तन एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया।
युवाओं से संस्कार एवं धार्मिक चेतना से जुड़ने का आह्वान
विकास वर्मा ने कहा कि युवा शक्ति हिंदू समाज की महत्वपूर्ण शक्ति है। युवाओं में अनुशासन, संस्कार, सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक जड़ों को समझने तथा सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से हनुमान चालीसा कंठस्थ करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का जीवन भक्ति, साहस, अनुशासन, सेवा और समर्पण की प्रेरणा देता है। बच्चों एवं युवाओं को धार्मिक ग्रंथों और महापुरुषों के जीवन से जोड़ना उनके चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मातृशक्ति के सम्मान एवं बहन-बेटियों की सुरक्षा पर जोर
विकास वर्मा ने कहा कि हिंदू समाज जागरण में मातृशक्ति के सम्मान एवं बहन-बेटियों की सुरक्षा का विषय भी महत्वपूर्ण है। परिवार और समाज को बेटियों की शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के शोषण, धोखाधड़ी अथवा अपराध के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की स्थिति में कानून के दायरे में उचित कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता, परिवार में संवाद और संस्कारों का वातावरण ही नई पीढ़ी को सुरक्षित एवं मजबूत आधार प्रदान करता है।
सनातन संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
मुख्य वक्ता ने कहा कि आज आवश्यकता है कि बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, पर्व-त्योहारों, संतों एवं महापुरुषों के जीवन से परिचित कराया जाए। श्रीराम के आदर्श, भगवान हनुमान की भक्ति, भगवान शिव की साधना और भारतीय ऋषि परंपरा समाज को जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक रहते हुए समाज सेवा, संस्कार और समरसता के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे जीवन की अंतिम सांस तक हिंदू समाज को जागृत करने, संगठित करने और सनातन मूल्यों को मजबूत करने के लिए अपना योगदान देते रहेंगे।
दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री वीरसिंह राठौड़ एवं मुख्य वक्ता विकास वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित युवाओं एवं समाज के लोगों ने हनुमान चालीसा कंठस्थ करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। सामूहिक पाठ के दौरान श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण रहा। कार्यक्रम का समापन हिंदू समाज की एकता, धार्मिक जागृति, सनातन संस्कृति के संरक्षण, मठ-मंदिरों की सुरक्षा एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अभिषेक सोनकर, सन्नी, सोनू गुप्ता, मोहित, पीयूष, कार्तिक, साहिल नौडियाल, अंकित, आदर्श, आयुष राठौर, आशुतोष, राहुल गुप्ता, राम दयाल, उमेश शर्मा, प्रिंश गुप्ता, भारती बिष्ट, ज्योति ककड़, अजय गौड ,अंकुर प्रजापति, शिवम पंडित एवं मनीष कुमार सहित क्षेत्र के अनेक कार्यकर्ता एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।
