लखनऊ में बनेगा नौसेना शौर्य का नया केंद्र, राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को लखनऊ दौरे पर रहेंगे, जहां वह ‘नेवी शौर्य संग्रहालय’ के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे। यह संग्रहालय भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रसेवा को समर्पित एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
लखनऊ दौरे पर रहेंगे रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि 30 मई को वह लखनऊ में रहेंगे और ‘नेवी शौर्य संग्रहालय’ के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
उद्घाटन को लेकर उत्साह जताया
अपने संदेश में राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार है। उनके अनुसार यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की गौरवशाली परंपरा और देश सेवा की भावना को प्रदर्शित करेगा।
तैयारियों का जायजा लिया गया
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने लखनऊ में निर्माणाधीन नौसेना शौर्य संग्रहालय की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
वीरता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया गया
जयवीर सिंह ने इस संग्रहालय को वीरता, राष्ट्रभक्ति और भारतीय नौसेना के गौरव का प्रेरणादायी प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करेगी।
सीएम योगी भी होंगे शामिल
जानकारी के अनुसार, 30 मई को इस संग्रहालय का लोकार्पण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा।
नौसेना और पर्यटन विभाग की संयुक्त परियोजना
यह परियोजना भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त सहयोग से विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य नौसेना के इतिहास और उसकी उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाना है।
नौसैनिक उपकरणों की होगी प्रदर्शनी
संग्रहालय में भारतीय नौसेना पोत ‘गोमती’ से जुड़े कई वास्तविक उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें लंगर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53एम पनडुब्बी अवरोधक प्रणाली, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और प्रोपेलर शामिल हैं।
ओपन एयर म्यूजियम भी बनेगा आकर्षण
परियोजना के तहत ओपन एयर म्यूजियम में टीयू-142 विमान और एसके-42बी हेलीकॉप्टर भी स्थापित किए जाएंगे, जो संग्रहालय के प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके अलावा नौसेना के इतिहास और समुद्री सुरक्षा को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।
